Lost Spring Summary in Hindi Class 12 with MCQ.

Lost Spring: Stories of stolen Childhood 12वीं कक्षा की किताब Flamingo का दूसरा अध्याय है, जिसे Anees Jung ने लिखा है। यह अध्याय लेखक की साहेब और मुकेश के साथ मुलाकात के बारे में है। इस लेख में सबसे महत्वपूर्ण Word Meaning के साथ Lost Spring कि detailed summary in hindi शामिल है। सारांश पूरा करने के बाद अंत में most important MCQ questions के साथ अपने ज्ञान का परीक्षण करें।

लेखक इन बच्चों की जीवन स्थितियों पर प्रकाश डालता है। सारांश के अंत तक, आपको पता चल जाएगा कि साहेब और मुकेश जो करते हैं उसे करने के लिए वह मजबूर क्यों है।

Lost spring class 12 summary in hindi

Writer Anees Jung

Introduction.

Lost Spring:Stories of the stolen childhood अनीस जंग द्वारा लिखी गई है – वह एक भारतीय लेखक, पत्रकार, और देश-विदेश के समाचार पत्रों के लिए स्तंभकार है। इस अध्याय का मुख्य विषय गरीबी है और यह कैसे बाल श्रम के लिए मजबूर कर देती है। पाठ का वर्णन लेखक ने स्वयं किया है।

बचपन वह समय होता है जब हमें अपने आसपास की दुनिया मैं सीखने, खेलने और पढ़ने का मौका मिलता है। एक खुशहाल बचपन एक महान जीवन की नींव है। बचपन वह समय होता है जब बच्चा अपने आसपास के वातावरण के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होता है।

“Lost Spring” शीर्षक काफी उपयुक्त है क्योंकि बचपन जीवन का वसंत है। Spring नई शुरुआत, नए जीवन और आनंद का प्रतिनिधित्व करता है। Lost Spring का अर्थ है कि कैसे इन बच्चों के जीवन में बचपन का आनंद और उत्साह कहीं खो सा गया है।

यह पाठ दो लड़कों – साहेब और मुकेश के बारे में है। इनके सपनों और आशाओं को system ने कुचल दिया है क्योंकि उन्हें अपने अस्तित्व के लिए काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। यह अध्याय एक आदर्श बचपन और इन बच्चों की वास्तविकता के बीच अंतर को दर्शाता है।

Lost Spring Summary in Hindi

साहेब – कचरा बीनने वाला

साहेब एक कचरा बीनने वाला है जो लेखक के घर के पास कचरा उठाता है। एक दिन लेखक उसे स्कूल जाने की सलाह देती है लेकिन साहब के घर के पास कोई स्कूल नहीं है। साहेब का घर बहुत समय पहले एक तूफान में तबाह हो गया था।

इसलिए उसका परिवार बांग्लादेश से भारत आया और सीमापुरी में बस गया |साहेब का पूरा नाम साहेब-ए-आलम है जिसका अर्थ है ब्रह्मांड का स्वामी(Master of the universe)। यह विडंबना ही है कि ब्रह्मांड का यह स्वामी कूड़े की तलाश में सड़कों पर घूम रहा है।

दूसरे कूड़ा बीनने वालों के साथ साहेब सड़कों पर घूमता है। यह सुबह जल्दी आते हैं और दोपहर तक चले जाते हैं। इनका मानना ​​है कि जूते न पहनना इनकी परंपरा का हिस्सा है। वर्णनकर्ता का मानना है कि यह केवल एक जोड़ी जूते खरीदने में असमर्थता को छिपाने का एक बहाना है।

साहेब दूसरे लड़कों को Tennis खेलते हुए देख कर बहुत खुश होता है। उसने अपने भाग्य को स्वीकार कर लिया है और इससे संतुष्ट है। अन्य लड़के अब जूते पहनते हैं, लेकिन कई अन्य ऐसे कूड़ा बीनने वाले हैं जो आज भी बिना जूते के रहते हैं।

सीमापुरी

सीमापुरी दिल्ली की सीमा पर बसी एक ऐसी जगह है जहां 10,000 से ज्यादा कूड़ा बीनने वाले रहते हैं। साहेब यहां अपने परिवार के साथ रहता हैं। यह सारे परिवार 1971 में बांग्लादेश से सीमापुरी आए थे, जब उनके घर तूफान में तबाह हो गए थे।

इन लोगों का अपने घरों पर किसी भी तरह का कानूनी अधिकार नहीं है। उनके पास एकमात्र पहचान राशन कार्ड है जो भोजन प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।। यह लोग तब तक अपने जीवन से संतुष्ट हैं जब तक उन्हें भूखा नहीं सोना पड़ता।

बच्चे अपने माता-पिता को गुजारा करने में मदद करने के लिए बहुत कम उम्र में ही कूड़ा-करकट उठाना शुरू कर देते हैं। इन लोगों के लिए, कूड़ा-करकट चुनना केवल जीवित रहने का एक साधन है, लेकिन बच्चों के लिए, यह एक रोमांचक खेल की तरह है।

बच्चे अपने माता-पिता को गुजारा करने में मदद करने के लिए बहुत कम उम्र में ही कूड़ा-करकट उठाना शुरू कर देते हैं। इन लोगों के लिए, कूड़ा-करकट चुनना केवल जीवित रहने का एक साधन है, लेकिन बच्चों के लिए, यह एक रोमांचक खेल की तरह है।

साहेब को नौकरी मिलती है

कुछ समय बाद लेखक साहेब को एक चाय की दुकान पर काम करते हुए देखता है। उसे 800 रुपये और तीन समय का भोजन मिलता है। लेकिन ऐसा लगता है कि उसने अपनी स्वतंत्रता और स्वतंत्र इच्छा खो दी है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि अब वह खुद का मालिक नहीं है क्योंकि वह चाय की दुकान के मालिक के लिए काम करता है। उसने जिस स्टील के कनस्तर को उठा रखा है, वह उस प्लास्टिक बैग से भारी लगता है, जिसका इस्तेमाल वह कचरा बीनने के लिए किया करता था।

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मुकेश – चूड़ी बनाने वाला

मुकेश फिरोजाबाद में चूड़ियां बनाता है, लेकिन उसका सपना एक दिन Car Mechanic बनने का है। वह गाड़ी चलाना सीखना चाहता है। उसका परिवार पीढ़ियों से चूड़ियां बना रहा है, लेकिन मुकेश में सपने देखने की हिम्मत है।

मुकेश का परिवार बदबूदार गलियों में रहता है, जहां कूड़े-कचरे भरे पड़े हैं। उसके घर की दीवारें ढह चुकी हैं और वह रहने लायक नहीं है। उसका घर हवादार नहीं है और वहां जल निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। लोगों को अपना घर जानवरों के साथ बांटना पड़ता है।

मुकेश के परिवार में पांच सदस्य हैं। मुकेश की भाभी तीन पुरुषों की प्रभारी हैं – उसका पति, मुकेश और उनके पिता। मुकेश के पिता के घर में प्रवेश करते ही वह अपना घुंघट ओढ़ लेती है।

मुकेश के पिता लंबे समय से काम कर रहे हैं लेकिन फिर भी, वह अपने घर को ठीक करवाने और अपने बच्चों को स्कूल भेजने में असमर्थ हैं। वह अपने बच्चों को केवल चूड़ियां बनाना सिखा पाए हैं।

मुकेश की दादी मानती हैं कि चूड़ी बनाने का काम उन्हें ईश्वर द्वारा प्रदान किया गया है और इसे बदला नहीं जा सकता। कांच की चूड़ियों चमकाते समय जो धूल उड़ती है उससे मुकेश के दादा की आंखों की रोशनी चली गई थी।

सविता एक मैली-गुलाबी रंग की पोशाक पहने एक युवा लड़की है। उसके हाथ मशीन के चिमटे की तरह चलते हैं। वह एक बूढ़ी औरत के साथ बैठकर कांच के टुकड़े जोड़ रही है।

लेखक को आश्चर्य होता है कि क्या सविता अपने द्वारा बनाई जा रही चूड़ियों का महत्व जानती है। ये चूड़ियाँ एक औरत के सुहाग का प्रतीक हैं। जब वह शादी करेगी तो सविता को इन चूड़ियों के महत्व का एहसास होगा।

फ़िरोज़ाबाद

फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश का एक जिला है जो अपने कांच और चूड़ी बनाने वाले उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है। फिरोजाबाद का लगभग हर घर इस उद्योग का हिस्सा है। इस कस्बे में पीढिय़ों से लोग चूड़ियां और शीशे बनाते आ रहे हैं।

भले ही बच्चों के लिए कांच की भट्टियों वाले इन छोटे और अंधेरे कमरों में इतने अधिक तापमान पर काम करना गैरकानूनी है, फिर भी यहां 20,000 से अधिक बच्चे कार्यरत हैं। फ़िरोज़ाबाद की हर गली इन चमकीले रंग की चूड़ियों से भरी है।

छोटे लड़के और लड़कियां अपने माता-पिता के साथ बैठते हैं और मंद रोशनी वाली झोपड़ियों में चूड़ियां जोड़ते हैं। इनमें से कई वयस्क होने से पहले ही अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं क्योंकि उनकी आंखों को बाहर के प्रकाश की तुलना में अंधेरे में रहने की ज्यादा आदत हो जाती हैं।

Conclusion (निष्कर्ष)

अध्याय का मुख्य विषय गरीबी और बाल श्रम है। दुनिया में सबसे ज्यादा बाल मजदूर भारत में हैं। Anees Jung इस पाठ के माध्यम से हमारे देश में इन बच्चों की स्थिति पर प्रकाश डालती हैं।

साहिब की कहानी में हम देख सकते हैं कि उसके लिए पैसे से ज्यादा कीमती आजादी है। जब वह कूड़ा उठाता था तो वह खुश था। अब भले ही उसे 800 रुपये और भोजन मिल रहा था, लेकिन उसकी स्वतंत्रता और खुशी खत्म हो चुकी है।

दूसरी ओर, मुकेश इस कुरीति को तोड़ने की हिम्मत करता है और अपने सपनों का पीछा करने का फैसला करता है। उसकी आँखों में एक चिंगारी है और वह अपने सपनों के लिए जोखिम लेने को तैयार है।

लेखक बच्चों की इस स्थिति के बारे में अधिकारियों पर भी सवाल उठाती है। साहेब जैसे बच्चों से जिंदगी भर झूठे वादे किए गए हैं। वहीं फिरोजाबाद में अगर अधिकारी कार्रवाई करने को तैयार हों तो बीस हजार से ज्यादा बाल मजदूरों को मुक्त करा जा सकता है|

Lost Spring Summary in Hindi-

Word Meanings

  1. Scrounging – कुछ खोजना
  2. Apathy – उदासीनता
  3. Amidst – बीच में
  4. Spring -वसंत ऋतु
  5. Udipi – कर्नाटक का एक शहर
  6. Distant – दूर
  7. Discarded – छोड़ दिया
  8. Half-Joking – गंभीरता से नहीं / मजाक में
  9. Bleak – भविष्य की उम्मीद कम है
  10. Mutters – धीमी आवाज में बोलना जो सुनने में मुश्किल हो
  11. Glibly – बिना सोच विचार करें बोलना
  12. Broadly- सामान्य तौर पर
  13. Abound – बड़ी संख्या में मौजूद होना
  14. Roams – चलना या घूमना फिरना
  15. Squatters – जो अवैध रूप से बस जाते हैं
  16. Tattered – टुकड़ों में फटा हुआ
  17. Discolored – फीका पड़ा हुआ
  18. Mirage – एक आशा या इच्छा जो हासिल नहीं की जा सकती / मृगतृष्णा
  19. Tarpaulin – एक सख्त जलरोधक कपड़ा / तिरपाल
  20. Looms – एक बड़े, अक्सर भयावह या अस्पष्ट आकार या वस्तु के रूप में प्रकट होना
  21. Periphery – सरहद
  22. Slog – किसी उबाऊ चीज पर मेहनत करना
  23. Hovels – एक घर जो खराब स्थिति में है
  24. Crumbling – बहुत छोटे टुकड़ों में तोड़ना
  25. Wobbly – अस्थिर
  26. Shuffles – एक ही स्थान पर रहते हुए अपने पैरों या तलवों को इधर-उधर घुमाना, खासकर इसलिए कि आप असहज, घबराए हुए या शर्मिंदा हैं
  27. Coexisting – एक साथ रहने के लिए
  28. Hauled up- घसीटा गया
  29. Primevel – प्राचीन
  30. Renovate – मरम्मत करना
  31. Metaphorically – प्रतीकात्मक रूप से
  32. Thatched – भूसे और सूखी घास से बना घर
  33. Sizzling – भोजन के तलने की आवाज
  34. Stinking – एक अप्रिय गंध होना
  35. Choked – जाम होना
  36. Platters – बड़े आकार के बर्तन
  37. Frail – कमजोर
  38. Mounds – टीले / ढेर
  39. Unkempt – किसी चीज की परवाह ना की गई हो
  40. Hutments – झोपड़ियों का एक संग्रह
  41. Bahu – बहू
  42. Welding – धातुओं को जोड़ने की एक प्रक्रिया
  43. Drab – फीका
  44. Veil – महिलाओं द्वारा अपना चेहरा ढकने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक पतला कपड़ा / घूंघट
  45. Auspicousness – सौभाग्य
  46. Custom – अनुष्ठान
  47. Impoverished – बहुत गरीब
  48. Karam – नियति
  49. Lineage – पारिवारिक परंपरा।
  50. Implies – मतलब
  51. Shanty – लकड़ी की बनी एक छोटी सी झोंपड़ी
  52. Suhaag – विवाहित होना
  53. Soldering – जुड़ना
  54. Sanctity – पवित्रता
  55. Draped – ढका हुआ
  56. Drained – हटा दिया गया
  57. Panting – जोर से सांस लेना
  58. Perpetual – कभी न खत्म होने वाला
  59. Henna – हाथों को सजाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला लाल-भूरा रंग / मेहंदी
  60. Mind-Numbing – जिससे दिमाग का काम रुक जाता है
  61. Toil – बहुत देर तक बहुत मेहनत करना
  62. Apathy – भावना का अभाव
  63. Vicious Cycle – एक ऐसी स्थिति जिसमें एक समस्या को हल करने का प्रयास नई समस्याएं पैदा करता है
  64. Sahukar – साहूकार
  65. Flickering – एक लौ जो चल और बंद हो रही है
  66. Bureaucrats – एक सरकारी अधिकारी
  67. Imposed- शक्ति का प्रयोग करके नियम लागू करवाना

Lost Spring Summary in Hindi

MCQs

2384
Created on

Lost spring mcq

1 / 15

Drab means ______

2 / 15

Frail means ______

3 / 15

Why is Sahib not happy working at the tea stall?

4 / 15

Firozabad is famous for its ________

5 / 15

Mukesh lives at  ________

6 / 15

Saheb lives at _______

7 / 15

Saheb-e-Alam means ______

8 / 15

Who is the writer of Lost Spring?

9 / 15

What is Savita doing?

10 / 15

Who is responsible for the sad condition of the workers in Firozabad?

11 / 15

Where is Seemapuri?

12 / 15

How do the people in Seemapuri survive?

13 / 15

Mukesh wants to be a _______

14 / 15

What does the title "Lost Spring"  symbolize?

15 / 15

Why has Saheb never gone to school?

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